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पांच बहनों का इकलौता भाई रिशांत बना सबसे कम उम्र का अंगदाता

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‘समय’… कहते हैं समय और इसके चक्र को समझ पाना हर किसी का खेल नहीं। यह समय अगर आपको कोई चीज दे सकता है तो आपसे चीजें छीन भी सकता है लेकिन कई बार यही समय हमारी जिंदगी में ऐसे गम ला देता है जिसे भुलाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि आज हम आपको एक ऐसे नन्हे बच्चे की कहानी बताएंगे जो खुद तो इस दुनिया को अलविदा कह गया लेकिन जाते-जाते दो लोगों को नई जिंदगीयां दे गया। दरअसल हम बात कर रहे हैं पांच बहनों के इकलौते भाई व 16 महीने के रिशांत की जो सबसे कम उम्र का अंग दाता बन गया है। एम्स दिल्ली के डाक्टरों द्वारा ब्रेन डैड घोषित करने के बाद बच्चे के अंगों को दान किया गया, जिसका इस्तेमाल 2 मरीजों को नया जीवन देने के लिए किया जाएगा।

गिरने की वजह से ब्रेन हुआ डेड

दरअसल रिशांत का ब्रेन गिरने की वजह से डेड हो गया था। जिसके बाद उसके सिर पर गहरी चोट आई। जिसके बाद रिशांत 17 अगस्त को खेलते हुए गिर गया था। जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। रिशांत के पिता उपिंदर उसे निजी अस्पताल में ले गए। जहां से एम्स में जयप्रकाश नारायण ट्रॉमा सेंटर लाया गया। वहां तकरीबन आठ दिन तक जिंदगी और मौत के खेल को लड़ता रहा। 24 अगस्त को रिशांत को मस्तिष्कीय रूप से मृत घोषित कर दिया गया। जिसके बाद डॉक्टरों ने परिवार को बच्चे के अंगदान के बारे में आग्रह किया।

दो लोगों को जिंदगी दे गया रिशांत

सबसे कम उम्र का अंगदाता बना रिशांत जाते-जाते अपनी पीछे दो लोगों को नई जिंदगी दे गया। एम्स के चिकित्सकों के अनुसार रिशांत के गुर्दों और यकृत को दो अन्य बच्चों को लगाया गया है। बच्चा जाते-जाते दो घरों के चिराग को रोशन कर गया।

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